प्रतिमा या चित्र की स्थापना:- जिस देवता से संबंधित मंत्र का जप कर रहे हैं, उनकी प्रतिमा या चित्र अपने सामने रखें। जप आरंभ करने से पहले देवता की पूजा करें। उस पात्र का जल २४ घण्टे बाद किसी वृक्ष पर चढ़ा दें। ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन https://fernandowunej.blogginaway.com/40203698/details-fiction-and-prem-aur-sambandh-sudhaar